
मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने कावड़ यात्रा में शामिल होने पर जताई आपत्ति
रिपोर्ट /फिरोज खान
बरेली। आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने हाल ही में सामने आए एक मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आजकल सोशल मीडिया पर दो मुस्लिम महिलाओं के बुर्का पहनकर कावड़ यात्रा में शामिल होने की तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं।
इस घटना के बाद कई लोगों ने उनसे शरीयत के नजरिए से सवाल किया कि इस्लाम में इस तरह के कार्यों का क्या हुक्म है।
मौलाना रज़वी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस्लाम का अनुयायी किसी दूसरे धर्म के धार्मिक कार्यक्रमों या रीति-रिवाजों को नहीं अपना सकता। उन्होंने कहा कि कावड़ यात्रा एक दूसरे धर्म का धार्मिक आयोजन है और इसमें शामिल होना शरीयत के अनुसार उचित नहीं है।
उन्होंने आगे कहा कि अगर कोई मुस्लिम व्यक्ति जानबूझकर ऐसे धार्मिक कार्यों को अपनाता है तो यह नाजायज़ है और वह सख्त गुनहगार माना जाएगा। मौलाना ने मुसलमानों से अपील की कि वे इस तरह के कार्यों से बचें और अपने धर्म के सिद्धांतों पर कायम रहें।
मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने कहा कि आज के दौर में सोशल मीडिया के माध्यम से ऐसी घटनाएं तेजी से फैलती हैं, जिससे समाज में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि मुसलमान शरीयत की शिक्षाओं को समझें और अपने धार्मिक दायरे में रहकर जीवन व्यतीत करें।
उन्होंने अंत में कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों से मुस्लिम समाज को बचना चाहिए ताकि धार्मिक पहचान और आस्था सुरक्षित रह सके।
