कृष्णा लॉन में सजी “एक शाम तालिब सुल्तानी के नाम” महफ़िल

सै. हैदर उस्मान
बदायूं।कृष्णा लॉन, बदायूं में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम “एक शाम तालिब सुल्तानी के नाम” ने शास्त्रीय और सूफ़ियाना संगीत की ख़ूबसूरत परंपरा को जीवंत कर दिया। यह भव्य सांस्कृतिक संध्या बदायूं की समृद्ध संगीत विरासत को समर्पित रही, जिसमें शहर के कला-प्रेमियों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की।कार्यक्रम के आयोजक आमिर सुल्तानी रहे, जिनके अथक प्रयासों से बदायूं की तहज़ीब और संगीत को एक सशक्त मंच मिला। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में आदित्य यादव (सांसद, बदायूं) उपस्थित रहे। वहीं विशेष अतिथियों में फखर अहमद शोबी, पूर्व विधायक आशीष यादव, डॉ. अनीस बेग तथा डॉ. शकील अहमद (सदस्य, भारतीय चिकित्सा परिषद उत्तर प्रदेश) की गरिमामयी उपस्थिति रही।कार्यक्रम में हांगकांग से पधारे शास्त्रीय गायकों की सधी हुई और भावपूर्ण गायकी ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं सूफ़ियाना कलाम की प्रस्तुति पर तालियों की गूंज से पूरा पंडाल रूहानियत में डूब गया।अपने संबोधन में सांसद आदित्य यादव ने कहा कि “बदायूं कलाकारों की धरती रहा है। ऐसे सांस्कृतिक आयोजन हमारी परंपरा और विरासत को जीवित रखते हैं और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं।”वहीं डॉ. शकील अहमद ने आयोजक और कलाकारों की सराहना करते हुए कहा कि “संगीत समाज को जोड़ने की सबसे सशक्त और प्रभावी भाषा है।”कार्यक्रम के अंत में आयोजक आमिर सुल्तानी और उनकी पूरी टीम को इस यादगार शाम के लिए दिल से मुबारकबाद दी गई।यह संध्या एक बार फिर साबित कर गई कि बदायूं की पहचान—संगीत, संस्कृति और मोहब्बत है।
