सरधना के कपसाड़ और ज्वालागढ़ गांवों में अनुसूचित व पिछड़ा समाज के खिलाफ हिंसा, पीड़ित परिवारों को अब तक नहीं मिला पूरा न्याय, राष्ट्रपति को सौंपा गया ज्ञापन

मेरठ/बरेली | दैनिक विचार न्यूज़ : उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के थाना सरधना क्षेत्र के दो गांव — कपसाड़ और ज्वालागढ़ — में अनुसूचित और पिछड़ा समाज के लोगों के खिलाफ हुई नृशंस हत्याओं ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन घटनाओं के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।ज्वालागढ़ गांव में कश्यप समाज के युवक रानू कश्यप को पहले शराब पिलाकर बेहोश किया गया, फिर उससे करीब 80 हजार रुपये लूट लिए गए और इसके बाद उसे जिंदा जला दिया गया। यह घटना न केवल अमानवीय है बल्कि सामाजिक सौहार्द पर भी गहरा आघात है।वहीं, कपसाड़ गांव में सुनीता नाम की महिला की निर्मम हत्या कर दी गई, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश और भय व्याप्त है। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि अब तक सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं हुए हैं और उन्हें लगातार जान का खतरा बना हुआ है।इन घटनाओं को जातीय और सामाजिक आतंक बताते हुए सोमवार को दोपहर करीब 1 बजे बरेली स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पर भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम संयुक्त ज्ञापन सौंपा।ज्ञापन में मांग की गई है कि—पीड़ित परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए,परिवारों को सशस्त्र सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए,उचित पुनर्वास की व्यवस्था की जाए,मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाए,और दोषियों पर कठोर कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।फिलहाल, सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पीड़ित परिवारों को समय पर न्याय मिलेगा और क्या प्रशासन दोषियों पर सख्त कार्रवाई करेगा। पूरे मामले पर अब प्रदेश की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
