
सै.हैदर उस्मान / दैनिक विचार
बरेली। सिविल डिफेंस, बरेली द्वारा गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में ब्लैकआउट मॉक ड्रिल का रिहर्सल आयोजित किया गया। यह अभ्यास शाम 6:15 बजे प्रारंभ हुआ, जिसका उद्देश्य हवाई हमले जैसी आपात परिस्थितियों में नागरिक सुरक्षा, सरकारी कार्यालयों तथा महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की तैयारियों का परीक्षण करना रहा।मॉक ड्रिल के दौरान प्रकाश प्रतिबंध (ब्लैकआउट) से जुड़ी सभी आवश्यक सावधानियों और बचाव उपायों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। निर्धारित समयावधि में कलेक्ट्रेट परिसर की सभी आंतरिक व बाहरी लाइटें बंद कराई गईं। साथ ही आसपास के कार्यालयों, चेंबरों और आवासीय क्षेत्रों में भी ब्लैकआउट के नियमों का सख्ती से पालन कराया गया, ताकि किसी भी प्रकार का प्रकाश बाहर न दिखाई दे।सिविल डिफेंस के वार्डनों ने क्षेत्र में भ्रमण कर यह सुनिश्चित किया कि सभी स्थानों पर नियमों का सही ढंग से अनुपालन हो रहा है। इस दौरान नागरिकों को घरों के भीतर रहने, सभी प्रकार की लाइटें बंद रखने, टॉर्च, मोबाइल फ्लैश, माचिस का उपयोग न करने तथा धूम्रपान से परहेज करने के निर्देश दिए गए।जहां-जहां से प्रकाश बाहर निकलने की संभावना थी, वहां काले कागज या पर्दों से ढकने का अभ्यास कराया गया। साथ ही लोगों से शांत रहकर सावधानीपूर्वक चलने और किसी भी प्रकार की अफरा-तफरी न मचाने की अपील की गई।इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि इस प्रकार के ब्लैकआउट अभ्यास भविष्य में किसी भी युद्ध या हवाई हमले जैसी विषम परिस्थितियों में जनसुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि सिविल डिफेंस द्वारा आयोजित ऐसे अभ्यासों में पूर्ण सहयोग करें और ब्लैकआउट से जुड़ी सावधानियों के प्रति जागरूक रहें।
